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शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार क्यों हुए? जानिए जमीन विवाद, गोलीकांड के आरोप और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान

बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार: जमीन विवाद में चली गोली, पीड़ित किसान का गंभीर आरोप, धीरेंद्र शास्त्री बोले- 'दोषी को मिले कठोर दंड

विशेष संवाददाता राजकुमार 
छतरपुर (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश के छतरपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को पुलिस ने एक बेहद गंभीर मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोड़ा में हुए एक बड़े जमीन विवाद और गोलीकांड के सिलसिले में की गई है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की कई टीमें इस मामले की गहराई से तफ्तीश में जुटी हुई हैं।
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में शालिग्राम गर्ग के साथ उनके एक अन्य सहयोगी अंकित मिश्रा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि इस वारदात में कुल चार आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को तो दबोच लिया है, लेकिन इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी (जिसमें एक नामजद और एक अज्ञात है) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है और दावा किया जा रहा है कि उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्या है पूरा मामला और वारदात की वजह?
यह पूरा विवाद छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा का है। मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की मुख्य जड़ एक गौशाला के ठीक पीछे स्थित करोड़ों रुपये की कीमती जमीन बताई जा रही है। इस मामले में पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा ने सीधे तौर पर शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों पर बेहद संगीन और गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा का कहना है कि शालिग्राम गर्ग और उनके गुर्गे पिछले काफी समय से इलाके के गरीब किसानों पर अपनी पैतृक जमीनें बेचने के लिए लगातार अनुचित दबाव बना रहे थे। किसान का आरोप है कि जो भी व्यक्ति या भूस्वामी उनकी बात मानने से इनकार करता है या अपनी जमीन बेचने से मना करता है, उसके साथ सरेआम गाली-गलौज और मारपीट की जाती है। उन्हें जान से मारने की धमकियां देकर डराया और धमकाया जाता है, ताकि वे डरकर अपनी जमीनें उनके नाम कर दें।
घटना वाले दिन विवाद इस कदर बढ़ गया कि बात सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रही, बल्कि हथियारों का खुला प्रदर्शन किया गया। पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा है कि शालिग्राम गर्ग ने उन पर सीधा निशाना साधते हुए गोली चला दी। इस गोलीकांड में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस वारदात के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।

भाई की करतूत पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान
जैसे ही यह खबर मीडिया की सुर्खियों में आई और बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई का नाम इस वारदात से जुड़ा, वैसे ही देश भर में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद सामने आकर इस पूरे विवाद पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
बाबा बागेश्वर ने अपने भाई शालिग्राम गर्ग की इस करतूत से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि उनका शालिग्राम से किसी भी प्रकार का कोई व्यावसायिक या व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने याद दिलाया कि वे आज से लगभग 3 साल पहले ही सार्वजनिक रूप से यह बात साफ कर चुके हैं कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य यदि कोई गलत काम करता है, तो उसके लिए वे खुद जिम्मेदार होगा, धाम या बाबा का उससे कोई संबंध नहीं होगा।
इसके साथ ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोशल मीडिया और मीडिया घरानों से भी एक विशेष अपील की है। उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि हर पारिवारिक, स्थानीय या किसी व्यक्ति विशेष की निजी घटना में उनका नाम जबरन नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मेरा परिवार सिर्फ कोई एक जैविक परिवार नहीं है, बल्कि यह पूरा विश्व और देश ही मेरा परिवार है। मैं केवल सनातन धर्म और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित होकर काम करता हूँ, इसलिए किसी की भी व्यक्तिगत गलती को मेरे नाम से जोड़ना न्यायसंगत नहीं है।”

निष्पक्ष जांच और कड़े कानून की वकालत
इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानून का समर्थन करते हुए बाबा बागेश्वर ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि वे देश के संविधान और कानून का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, “इस पूरे मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसे देश का कानून कठोर से कठोर दंड दे और भगवान भी उसे उसके कर्मों की सजा दें।” उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी अपराधी या गलत काम करने वाले व्यक्ति के साथ नहीं खड़े हैं, चाहे वह उनका सगा भाई ही क्यों न हो।
हालांकि, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी जोड़ा कि फिलहाल उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत और जमीनी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्योंकि मामला अभी पुलिस की जांच के अधीन है और उन्हें सभी तथ्यों का पूरी तरह पता नहीं है, इसलिए वे इस विषय पर अधिक टिप्पणी या विस्तार से कोई बात नहीं करेंगे। वे चाहते हैं कि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर अपना काम करे।

पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई
छतरपुर पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों- शालिग्राम गर्ग और अंकित मिश्रा से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जमीन विवाद के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। साथ ही, पीड़ित किसान और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस की एक विशेष टीम फरार दो अन्य आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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