क्राइम
शादी किसी से, प्यार किसी और से? 2004 कॉल्स और मौत का वो खौफनाक सस्पेंस… जांच के घेरे में सिया-चेतन कनेक्शन!

पुणे के लोहगढ़ किले की घाटी में गिरकर हुई केतन अग्रवाल की मौत पर गहराया रहस्य; पीड़ित परिवार ने मंगेतर पर लगाए सनसनीखेज आरोप; डिजिटल सबूतों को खंगाल रही पुलिस।
पुणे, 26 जून। महाराष्ट्र के पुणे में स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले की गहरी घाटी में गिरकर हुई कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत ने अब एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जिसे शुरुआत में एक दुखद हादसा माना जा रहा था, वह अब डिजिटल सबूतों के सामने आने के बाद ‘लव ट्रायंगल’ और गहरी साजिश के घेरे में सिमट गया है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस मामले की परतें उतनी ही सनसनीखेज तरीके से खुलती जा रही हैं। मंगेतर सिया गोयल, उसका करीबी दोस्त चेतन चौधरी और मृतक केतन अग्रवाल के बीच का यह त्रिकोण अब पुलिस की तफ्तीश का मुख्य केंद्र बन चुका है।
पीड़ित अग्रवाल परिवार का दावा है कि केतन की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का नतीजा है। परिवार ने सीधे तौर पर केतन की मंगेतर सिया गोयल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले, तो जो खुलासे हुए उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
2004 कॉल्स और 238 घंटे की बातचीत का सनसनीखेज सच पुलिस सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सिया गोयल की शादी केतन अग्रवाल से तय हो चुकी थी और दोनों के परिवारों में शादी की रस्में भी शुरू हो गई थीं। लेकिन दूसरी तरफ, सिया के जीवन में चेतन चौधरी नाम के एक अन्य युवक की सक्रिय मौजूदगी थी। पुलिस के तकनीकी विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि पिछले महज 6 महीनों के भीतर सिया और चेतन चौधरी के बीच कुल 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई।
यह बातचीत कोई सामान्य नहीं थी; डेटा के अनुसार दोनों ने करीब 238 घंटे फोन पर बिताए, जिसमें कई कॉल्स ऐसी थीं जो लगातार 2 से 3 घंटे तक चलती रहीं। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि जब सिया का रिश्ता केतन से तय हो चुका था, तो चेतन के साथ इतनी लंबी और लगातार बातचीत के पीछे का असल मकसद क्या था? क्या अरेंज मैरिज के पीछे कोई गहरा सीक्रेट रिलेशन छिपा हुआ था?
पहले भी हुई थी धक्का देने की कोशिश परिवार का दावा
मृतक केतन के परिवार ने पुलिस के सामने एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। परिवार के मुताबिक, लोहगढ़ किले पर यह पहली संदिग्ध घटना नहीं थी। इससे पहले 14 जून को भी केतन को किले की ऊंचाई से धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस वक्त केतन संभल गए थे और जब उन्होंने इस पर सवाल किया, तो सिया ने वहां सांप आ गया था कहकर बात को घुमा दिया और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की थी।
परिवार का आरोप है कि सिया ने अपने और चेतन के रिश्ते की सच्चाई को पूरी तरह छुपाए रखा। इतना ही नहीं, घटना के बाद और केतन की मौत की पुष्टि होने के बावजूद सिया के चेहरे पर कोई गम या दुख के भाव नहीं दिखाई दिए, जिससे परिवार का शक यकीन में बदल गया। परिवार का आरोप है कि सिया के पिता प्रवीण गोयल और मामले से जुड़े अन्य लोग भी सच्चाई को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

खूफिया डिजिटल सबूत: पुलिस जांच के 5 मुख्य बिंदु
संदीप सिंह गिल और पुलिस की विशेष टीम इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए मुख्य रूप से पांच तकनीकी और वैज्ञानिक बिंदुओं पर काम कर रही है:
1.कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सिया और चेतन के बीच हुई 2004 कॉल्स की टाइमिंग और उनकी फ्रीक्वेंसी का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
2.मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग घटना के दिन यानी 18 जून को सिया, केतन और चेतन की सटीक मोबाइल लोकेशंस और टावर डंप डेटा का मिलान हो रहा है।
3.किले के सीसीटीवी फुटेज लोहगढ़ किला और उसके आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी तीसरे संदिग्ध की मौजूदगी का पता चल सके।
4.घटनास्थल का रीक्रिएशन पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उस जगह का मुआयना किया है जहाँ से केतन नीचे गिरे थे, ताकि गिरने के कोण और बल का वैज्ञानिक आकलन किया जा सके।
5. सोशल मीडिया और वीडियो दोनों की पुरानी मुलाकातों, दिवाली पार्टी के वीडियो और हालिया सोशल मीडिया चैट को भी रिकवर किया जा रहा है।
रिश्ते से लेकर मौत तक का सफर सिलसिलेवार टाइमलाइन
दिवाली पार्टी सिया गोयल और केतन अग्रवाल की पहली मुलाकात हुई, जहाँ से रिश्ते की बात शुरू हुई।
11 फरवरी दोनों परिवारों की आधिकारिक मुलाकात हुई और शादी की रजामंदी बनी।
19 फरवरी धूमधाम से रोका समारोह संपन्न हुआ, दोनों औपचारिक रूप से रिश्ते में बंधे।
14 जून परिवार के अनुसार पहली संदिग्ध घटना हुई; किले पर धक्का देने का प्रयास, जिसे सिया ने ‘साँप’ का बहाना बनाकर टाला।
18 जून (सुबह 10:45 बजे) दोनों लोहगढ़ किला ट्रिप पर गए। केतन के घाटी में गिरने की खौफनाक सूचना मिली, बाद में मौत की पुष्टि हुई।
19 जून मंगेतर सिया गोयल का जन्मदिन था, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले केतन की जान चली गई।
25 नवंबर दोनों की शादी की तारीख तय थी, लेकिन मंडप सजने से पहले ही केतन की रहस्यमयी मौत हो गई।

लव ट्रायंगल या सोची-समझी साजिश?
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य इस मिस्ट्री को सुलझाने में सबसे बड़े हथियार साबित होंगे। पुलिस का कहना है कि प्रेम त्रिकोण (Love Triangle) के एंगल को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन किसी भी अंतिम नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी गवाहों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है। क्या यह अरेंज मैरिज के दबाव में किया गया कोई खौफनाक कृत्य है या फिर सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा, इसका अंतिम खुलासा पुलिस की चार्जशीट में ही साफ हो पाएगा।
