कदौरा के स्कूल के बाहर गिट्टी-बालू के डंप का आरोप, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
कदौरा में स्कूल के गेट के सामने गिट्टी-बालू के डंप से खतरा, ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही पर उठे सवाल

कदौरा, जालौन। महंत भगवत विशाल इंटर कॉलेज कदौरा के सामने इंटरलॉकिंग सड़क पर गिट्टी, बालू और ईंटों के कथित डंप को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विद्यालय प्रशासन का आरोप है कि स्कूल के मुख्य गेट के आसपास प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रक पहुंचते हैं और सड़क के दोनों ओर गिट्टी, बालू व ईंटें डंप कर दी जाती हैं। इसके बाद दिनभर ट्रैक्टरों के माध्यम से इन निर्माण सामग्री की बिक्री किए जाने से विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
विद्यालय प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, रोजाना करीब 10 से 15 ओवरलोड ट्रक गिट्टी और बालू लेकर स्कूल के सामने पहुंचते हैं। ट्रकों से निर्माण सामग्री उतारकर सड़क के किनारे जमा कर दी जाती है। इसके कारण सड़क का काफी हिस्सा प्रभावित होने और आवागमन में परेशानी होने की बात कही गई है। वहीं, दिनभर ट्रैक्टरों की आवाजाही और निर्माण सामग्री की बिक्री के कारण स्कूल के आसपास लगातार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

महंत भगवत विशाल इंटर कॉलेज के सामने से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं गुजरते हैं। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि तेज रफ्तार ट्रैक्टरों और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। स्कूल के गेट के आसपास बच्चों की आवाजाही के दौरान यदि कोई भारी वाहन अनियंत्रित हुआ तो गंभीर हादसा हो सकता है।
विद्यालय प्रशासन ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता पैदा होना स्वाभाविक है।
कई बार शिकायत करने का दावा

विद्यालय के प्रधानाचार्य की ओर से संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी कई बार देने का दावा किया गया है। प्रधानाचार्य के मुताबिक, मामले को लेकर अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि स्कूल के सामने सड़क पर निर्माण सामग्री का डंप और भारी वाहनों की आवाजाही विद्यार्थियों के साथ-साथ आम राहगीरों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
मौन साधना स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी खतरा
विद्यालय के गेट के ठीक बगल में मौन साधना स्थल का देवस्थान भी स्थित बताया गया है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु साधना के लिए आते हैं। ऐसे में भारी वाहनों और ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिस स्थान पर विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही होती है, वहां भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क किनारे निर्माण सामग्री का जमाव गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। यदि किसी वाहन की चपेट में कोई छात्र, छात्रा या श्रद्धालु आ गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
कार्रवाई की मांग
विद्यालय प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जांच कराने की मांग की है। साथ ही स्कूल के सामने सड़क के दोनों ओर कथित रूप से जमा की जा रही गिट्टी, बालू और ईंटों को हटाने तथा भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की मांग उठाई गई है।
प्रधानाचार्य की ओर से अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
फिलहाल इस मामले में विद्यालय प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों और शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार है। स्थानीय स्तर पर भी यह सवाल उठ रहा है कि यदि स्कूल के मुख्य गेट के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही और निर्माण सामग्री का जमाव इसी तरह जारी रहा, तो विद्यार्थियों और राहगीरों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस शिकायत का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करते हैं या नहीं और सड़क किनारे कथित अवैध डंप व भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
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संपादक रजनी शर्मा

