सक्ती की नई कलेक्टर जयश्री जैन का सख्त रुख, सुबह 10 बजे दफ्तर पहुंचने के निर्देश; ई-ऑफिस पर भी जोर
सक्ती की नई कलेक्टर जयश्री जैन ने संभाली प्रशासन की कमान तो अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश। सुबह 10 बजे तक कार्यालय में उपस्थिति, ई-ऑफिस का खुद इस्तेमाल और जनता की शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर जोर दिया गया है।

सक्ती (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में प्रशासनिक कामकाज को दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए नई कलेक्टर जयश्री जैन (IAS) ने कमान संभालते ही कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (TL) बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी विभागों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि सरकारी कामकाज में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय की पाबंदी, ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर उन्होंने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सुबह 10 बजे तक दफ्तर में उपस्थिति अनिवार्य, तय समय पर हो जनता की सुनवाई

बैठक के दौरान कलेक्टर जयश्री जैन ने प्रशासनिक अनुशासन पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी हर हाल में सुबह 10 बजे तक अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी सिर्फ नियम नहीं बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। जब अधिकारी और कर्मचारी समय पर पहुंचेंगे, तभी दूर-दराज से आने वाले आम नागरिकों के कार्यों का त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयीन समय का पालन न करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ई-ऑफिस का काम सिर्फ ऑपरेटर के भरोसे न छोड़ें, खुद सीखें अधिकारी
सरकारी कामकाज में गति लाने और फाइलों के पारदर्शी मूवमेंट के लिए कलेक्टर ने ई-ऑफिस (e-Office) सिस्टम के अनिवार्य इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि वे ई-ऑफिस का कार्य सिर्फ कंप्यूटर ऑपरेटरों के भरोसे न छोड़ें। सभी विभागाध्यक्ष और अधिकारी खुद इस डिजिटल प्रणाली को समझें, सीखें और फाइलों का ऑनलाइन निस्तारण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि डिजिटल कार्यप्रणाली में कोताही बरतने या प्रगति धीमी होने पर संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
मानसून और स्वास्थ्य व्यवस्था: जलभराव और जलजनित बीमारियों पर कड़ी निगरानी
बारिश के मौजूदा मौसम को ध्यान में रखते हुए बैठक में आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को संभावित जलभराव वाले निचले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन: बचाव दलों, जरूरी राहत सामग्री और तकनीकी उपकरणों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जलजनित बीमारियों जैसे डायरिया, पीलिया और मौसमी बुखार की रोकथाम के लिए क्लोरीन की गोलियों का वितरण, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
* **कचरा प्रबंधन:** अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के कड़े नियमों का पालन और जनपद पंचायत स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया।
बिहान’ योजना से महिला स्व-सहायता समूहों की बढ़ेगी आय
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़ाकर आय के बेहतर और स्थायी साधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए समूहों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार से जुड़ाव और वित्तीय सहयोग प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।
सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन: गुणवत्तापूर्ण निराकरण की समय-सीमा तय
आम जनता की शिकायतों के निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए ‘सेवा सेतु’ ऐप और सीएम हेल्पलाइन (1076) से प्राप्त लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर या औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि समाधान गुणवत्तापूर्ण और वास्तविक धरातल पर दिखना चाहिए। प्रत्येक मामले को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुलझाने का आदेश संबंधित विभागों को दिया गया।
राजस्व मामलों और जनहितैषी योजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक में किसानों और आम नागरिकों से सीधे जुड़े राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने निम्नलिखित राजस्व कार्यों को तय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए:
नामांतरण एवं खाता विभाजन
भूमि सीमांकन एवं व्यपवर्तन
राजस्व अभिलेखों में आधार प्रविष्टि
वर्षों से लंबित राजस्व विवादों की सुनवाई
इसके साथ ही, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिलने वाली सेवाओं, लंबित पेंशन प्रकरणों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाने को कहा गया।
प्रशासनिक अनुभव और पृष्ठभूमि
सक्ती जिले की नई कलेक्टर जयश्री जैन (IAS) अपनी प्रशासनिक दक्षता और कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विश्रामपुर से और उच्च शिक्षा होली क्रॉस कॉलेज से प्राप्त की, जहां वे विश्वविद्यालय स्तर पर अव्वल रहीं। वर्ष 2005 में राज्य प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद वे पदोन्नति पाकर 2016 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बनीं। उन्हें सूरजपुर क्षेत्र की पहली महिला IAS बनने का गौरव भी हासिल है।
सक्ती में पदभार संभालने से पहले वे बिलासपुर में अपर कलेक्टर, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रबंध संचालक और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
निष्कर्ष
सक्ती जिले में नई कलेक्टर की पहली बड़ी समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली पर आगे बढ़ेगा। अधिकारियों को फील्ड में उतरकर और समय पर उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं को दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
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