रक्षाबंधन पर नहीं होगी बसों की कमी, उरई डिपो की 103 बसें उतरेंगी सड़क पर; झांसी-कानपुर रूट पर खास नजर
महिलाओं और बहनों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने की पूरी उम्मीद है।

जालौन/उरई:
भाई-बहन के अटूट स्नेह का पावन पर्व रक्षाबंधन अब बेहद करीब है। त्योहार में महज एक सप्ताह का समय बचा है और लोग अपने घरों, रिश्तेदारों के यहाँ जाने की योजना बनाने लगे हैं। रक्षाबंधन के मौके पर सबसे बड़ी चुनौती सड़कों और सार्वजनिक परिवहन में लगने वाली भारी भीड़ को संभालना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के उरई डिपो ने अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और समय पर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डिपो प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
डिपो का पूरा बेड़ा रहेगा ऑन-रोड, 103 बसें संभालेंगी कमान

उरई डिपो से मिली जानकारी के मुताबिक, त्योहार के दौरान यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए डिपो की सभी 103 बसों को सड़कों पर उतारने का फैसला लिया गया है। किसी भी बस को वर्कशॉप या डिपो परिसर में बेवजह खड़ा नहीं रहने दिया जाएगा। सभी बसों की फिटनेस और जरूरी तकनीकी जांच समय से पहले पूरी की जा रही है, ताकि सफर के दौरान यात्रियों को किसी तकनीकी खराबी का सामना न करना पड़े।
त्योहार के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो जाती है। ऐसे में डिपो ने तय किया है कि रूटों पर सिर्फ नियमित बसें ही नहीं चलेंगी, बल्कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, डिपो में कुछ बसों को ‘रिजर्व’ के तौर पर तैयार रखा जाएगा। यदि किसी विशेष रूट पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तो ‘ऑन डिमांड’ तुरंत रिजर्व बसें रवाना कर दी जाएंगी।
झांसी और कानपुर रूट पर सबसे ज्यादा भीड़, विशेष निगरानी

रक्षाबंधन के दौरान उरई और आसपास के क्षेत्रों से सबसे ज्यादा आवाजाही झांसी और कानपुर मार्ग पर देखने को मिलती है। यही कारण है कि परिवहन निगम ने इन दोनों प्रमुख मार्गों पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
डिपो अधिकारियों का कहना है कि झांसी और कानपुर रूट पर बसों की फ्रिक्वेंसी (आवागमन का समय) काफी कम रखी जाएगी, ताकि यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबा इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही औरैया, इटावा और दिल्ली जाने वाले यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। दिल्ली और आसपास के शहरों से घर लौटने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार विशेष बसें संचालित की जाएंगी।
महिलाओं के लिए मुफ्त सफर: जल्द आ सकता है शासनादेश

रक्षाबंधन पर बहनों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मुफ्त बस यात्रा योजना हमेशा से बड़ी राहत लेकर आती है। इस वर्ष भी रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं और बहनों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने की पूरी उम्मीद है। परिवहन अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में शासन स्तर से एक-दो दिन के भीतर आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं। शासनादेश आते ही इसे डिपो स्तर पर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा, जिससे महिलाएं बिना किसी असुविधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
चालकों-परिचालकों को सख्त निर्देश, अधिकारियों की रहेगी पैनी नजर
त्योहार के दौरान सुगम यातायात बनाए रखने के लिए उरई डिपो ने अपने सभी चालकों और परिचालकों (ड्राइवर्स और कंडक्टर्स) को खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी कर्मियों को यात्रियों के साथ शालीन और सहयोगी व्यवहार करने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा, निर्धारित स्टॉपेज पर बस रोकने और समय की पाबंदी का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। डिपो स्तर पर एक निगरानी टीम भी बनाई गई है जो बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ और बसों के फेरों पर लगातार नजर रखेगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?
उरई डिपो इंचार्ज केपी सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है। त्योहार के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डिपो की सभी 103 बसें पूरी क्षमता के साथ संचालित होंगी। अतिरिक्त फेरों के साथ-साथ रिजर्व बसों का भी प्रबंध है ताकि किसी भी रूट पर यात्रियों को घंटों इंतजार न करना पड़े। डिपो प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि त्योहार के इस खास मौके पर हर यात्री समय से और सुरक्षित अपने घर पहुंच सके।
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