उत्तर प्रदेश

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे की फाइल आगे बढ़ी, शासन ने मांगा नो ड्यूज; जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के अनुरोध पर शासन ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित जिलों और विभागों से नो ड्यूज प्रमाणपत्र मांगा गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर प्रशासनिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने का अनुरोध किया है। उनके इस अनुरोध के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने इस्तीफे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।

शासन स्तर पर नियुक्ति अनुभाग की ओर से उनकी वर्तमान और पूर्व की विभिन्न तैनातियों से संबंधित अदेय प्रमाणपत्र यानी ‘नो ड्यूज’ मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों को प्रमाणपत्र जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दिव्या मित्तल का इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। फिलहाल शासन स्तर पर उनके त्यागपत्र के अनुरोध से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया चल रही है।

नियुक्ति अनुभाग ने जारी किया पत्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन के नियुक्ति अनुभाग-1 के विशेष सचिव विजय कुमार की ओर से 31 अगस्त को इस संबंध में पत्र जारी किया गया। पत्र में कहा गया है कि 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने का अनुरोध किया है।

त्यागपत्र की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनकी अलग-अलग तैनाती अवधि का अदेय प्रमाणपत्र आवश्यक बताया गया है। इसी के तहत संबंधित विभागों और जिलों से नो ड्यूज प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

किन-किन जगहों से मांगा गया नो ड्यूज?

दिव्या मित्तल प्रशासनिक सेवा के दौरान उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों में तैनात रही हैं। शासन की ओर से उनकी पूर्व और वर्तमान तैनातियों से संबंधित कार्यालयों से प्रमाणपत्र मांगा गया है।

इनमें प्रमुख रूप से राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी, बरेली विकास प्राधिकरण और उनकी पूर्व तैनाती वाले संबंधित जिले एवं विभाग शामिल हैं।

शासन की ओर से प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी, उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

देवरिया में भी रही हैं जिलाधिकारी

दिव्या मित्तल को जुलाई 2024 में देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया था। उन्होंने 5 मई 2026 तक देवरिया के डीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद उनका तबादला शासन स्तर पर कर दिया गया। 6 मई 2026 से वह राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं।

अब भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने के अनुरोध के बाद उनके मौजूदा और पूर्व कार्यकाल से जुड़े कार्यालयों से नो ड्यूज प्रमाणपत्र मांगा गया है।

कई जिलों में संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।

वह मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रही हैं। इसके बाद उन्होंने गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में काम किया। वह कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक भी रही हैं।

इसके अलावा दिव्या मित्तल बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने संतकबीर नगर, मीरजापुर और बस्ती में जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है।

इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर भी काम किया।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल शासन की ओर से दिव्या मित्तल के इस्तीफे के अनुरोध पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके तहत उनकी अलग-अलग तैनातियों से संबंधित अदेय प्रमाणपत्र मांगे गए हैं।

संबंधित कार्यालयों से नो ड्यूज प्रमाणपत्र मिलने के बाद शासन स्तर पर उनके त्यागपत्र के अनुरोध पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसलिए मौजूदा स्थिति में यह कहना सही होगा कि दिव्या मित्तल के इस्तीफे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इस्तीफा स्वीकार होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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संपादक रजनी शर्मा 

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