महराजगंज में शिक्षामित्र बहू ने की ससुर की हत्या, जमीन विवाद में 4 गिरफ्तार
महराजगंज में जमीन विवाद के चलते शिक्षामित्र बहू पर अपने ससुर की हत्या का आरोप है। पुलिस ने 4 घंटे में मामले का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सब एडिटर मो रईस
महराजगंज में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात ज़मीन के लालच में शिक्षामित्र बहू बनी हत्यारन, ससुर की आंखों में मिर्ची झोंक फावड़े से उतारा मौत के घाट
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। संपत्ति के अंधाधुंध लालच में एक शिक्षामित्र बहू इस कदर हैवान बन बैठी कि उसने अपने ही बुजुर्ग ससुर को तड़पा-तड़पाकर मार डाला। घटना को अंजाम देने से पहले आंखों में मिर्च पाउडर डाला गया और फिर सिर पर फावड़े के बिंड़े (लकड़ी के हैंडल) से तब तक वार किया गया जब तक बुजुर्ग की सांसें नहीं थम गईं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 4 घंटे के भीतर इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी बहू समेत चार लोगों को दबोच लिया है। यह पूरी घटना महराजगंज जिले के फरिंदा थाना क्षेत्र स्थित सुनबरसा गांव की है। यहां रहने वाले वृद्ध सच्चाराम गुप्ता और उनकी शिक्षामित्र बहू शोभा गुप्ता के बीच पिछले काफी समय से पैतृक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। देखते ही देखते यह पारिवारिक कलह एक ऐसे खूनी मोड़ पर पहुंच गई, जिसकी कल्पना भी गांव के लोगों ने नहीं की थी।
ज़मीन का विवाद और 18 साल पुराना दर्द

मामले की तह तक जाने पर पता चलता है कि हत्या की मुख्य वजह पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा थी। आरोपी बहू शोभा गुप्ता का पति करीब 18 साल पहले काम के सिलसिले में मुंबई गया था, जहां से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। तब से शोभा अपने ससुराल में ही रह रही थी और पेशे से शिक्षामित्र है।
शोभा की मंशा थी कि ससुर सच्चाराम पूरी संपत्ति उसके नाम कर दें। लेकिन ससुर का साफ मानना था कि न्याय के मुताबिक जमीन दोनों बेटों में बराबर-बराबर (रकबा-बाय-रकबा) बांटी जाएगी। वे अपने लापता बेटे के हक के साथ-साथ दूसरे बेटे के साथ भी कोई बेईमानी नहीं करना चाहते थे। जब बहू अपनी जिद पर अड़ी रही तो यह मामला अदालत तक भी पहुंच गया। लेकिन शोभा किसी भी कीमत पर पूरी जमीन पर अपना एकाधिकार चाहती थी।
साज़िश बातचीत के बहाने बुलाया और रची खूनी पटकथा

घटना वाले दिन बड़ी ही चालाकी से ससुर सच्चाराम को जमीन के बंटवारे और बातचीत के बहाने घर के अंदर बुलाया गया। बुजुर्ग ससुर को अंदाजा भी नहीं था कि जिस बहू को वे घर का हिस्सा मानते थे, वही उनकी मौत की पटकथा लिख चुकी है।
जैसे ही सच्चाराम घर के भीतर दाखिल हुए, पूर्व नियोजित साजिश के तहत सबसे पहले उनकी आंखों में तीखा मिर्च पाउडर झोंक दिया गया। आंखें जलने की वजह से जब तक वृद्ध संभल पाते और शोर मचाते, आरोपी बहू और उसके साथियों ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया। पास में ही रखे फावड़े के मजबूत लकड़ी के बिंड़े से उनके सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए गए। सिर पर गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण सच्चाराम ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश रात के अंधेरे में शव फेंकने की नाकाम चाल

हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत छुपाने का दौर शुरू हुआ। बहू और उसके सह-आरोपियों ने मिलकर खून से लथपथ शव को घसीटा और घर के पास मौजूद एक खाली प्लॉट में फेंक दिया। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले को एक सामान्य दुर्घटना (एक्सीडेंट) का रूप देने की साजिश रची गई ताकि कोई पुलिस तक न पहुंचे। रात के समय शव को सही ठिकाने लगाने और साक्ष्यों को मिटाने के लिए गांव के ही एक अन्य साथी श्रीकांत चौहान को भी बुलाया गया। किसी ने भी पुलिस को सूचना देने की जहमत नहीं उठाई और सुबह होने तक मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया गया।
पुलिस का एक्शन: 4 घंटे में बेनकाब हुआ सच

हालांकि, अपराध कितना भी शातिराना क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छूट ही जाता है। घटना की भनक लगते ही फरिंदा पुलिस और महराजगंज की उच्च स्तरीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में ही पुलिस को मामले में अनहोनी की बू आ गई। घर के भीतर के हालात और बाहरी प्लॉट में पड़े शव की स्थिति मेल नहीं खा रही थी। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो पूरी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। महराजगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 4 घंटे के भीतर इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली।
4 आरोपी गिरफ्तार, आला-ए-कत्ल बरामद

पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य अभियुक्ता शोभा गुप्ता (शिक्षामित्र) के साथ उसके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
1. शोभा गुप्ता (मुख्य आरोपी व मृतक की बहू)
2. धन्नू यादव (सह-आरोपी)
3. रमेश गुप्ता (सह-आरोपी)
4. श्रीकांत चौहान (शव को ठिकाने लगाने में मददगार) पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया आला-ए-कत्ल (लकड़ी का बिंड़ा) भी बरामद कर लिया है।
पुलिस और परिजनों का क्या है कहना?
मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया संपत्ति विवाद को लेकर ससुर को घर के अंदर बातचीत के लिए बुलाया गया था। आरोपी बहू और उसके साथियों ने बुजुर्ग की आंख में मिर्ची डाली और लकड़ी के भारी बिंड़े से मारकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर से बाहर फेंककर साक्ष्य छुपाने का प्रयास किया गया। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें संबंधित धाराओं में न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। वहीं, घटना से स्तब्ध परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि खेत और संपत्ति को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा था। बाबूजी (सच्चाराम) हमेशा यही कहते थे कि ‘मैं जीवित रहते दोनों बेटों के साथ इंसाफ करूंगा और जमीन बराबर बांटूंगा, किसी के साथ बेईमानी नहीं होने दूंगा।’ लेकिन बहू के सिर पर संपत्ति का ऐसा भूत सवार था कि उसने इस रिश्ते का इतना खौफनाक अंत कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग रिश्तों के इस खूनी अंजाम की ही चर्चा कर रहे हैं।
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