Lucknow Murder Case: प्रेमी संग पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिश, बक्से में मिला शव
लखनऊ में पति की हत्या का मामला: प्रेमी संग पत्नी पर साजिश का आरोप, शव बक्से में छिपाने की कहानी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां अवैध संबंधों और पैसों के विवाद में एक पत्नी ने अपने 52 वर्षीय प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। कत्ल की यह खौफनाक साजिश इतनी शातिराना थी कि शव को छिपाने के लिए लकड़ी के बक्से और दीवान का सहारा लिया गया, और सबूत मिटाने के लिए फर्श तक की लिपाई कर दी गई। पुलिस ने इस पूरे मामले की परतें खोलते हुए आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस जुर्म में शामिल नाबालिग बेटे को हिरासत में लिया गया है।
अवैध संबंध और कलह बनी कत्ल की वजह
मृतक की पहचान रामकिशोर वाल्मीकि के रूप में हुई है। जांच के मुताबिक, रामकिशोर और सूफिया बानो पिछले चार सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और करीब दो साल पहले दोनों ने निकाह कर लिया था। हालांकि, इस रिश्ते के बीच 52 वर्षीय मुन्ना की एंट्री हो चुकी थी। सूफिया बानो और मुन्ना के बीच अवैध संबंध पनप रहे थे, जिसकी भनक आखिरकार रामकिशोर को लग गई।
जैसे ही सच सामने आया, घर में आए दिन विवाद और झगड़े शुरू हो गए। इसी तनातनी के बीच रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास वापस लौटने लगा और उसे घर खर्च की रकम भी देने लगा। यह बात सूफिया को बर्दाश्त नहीं हुई। उसे लगा कि रामकिशोर उसके हाथ से निकल रहा है और आर्थिक मदद भी छिन रही है। इसी खुन्नस में सूफिया ने अपने आशिक मुन्ना के साथ मिलकर रामकिशोर को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
14-15 सितंबर की दरमियानी रात: सोते हुए उतारा मौत के घाट
वारदात को अंजाम देने के लिए 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात चुनी गई। योजना के तहत सूफिया ने रात को घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। जैसे ही रामकिशोर गहरी नींद में सोया, मुन्ना अपने साथी मोहम्मद इकबाल के साथ दबे पांव घर के अंदर दाखिल हुआ। दोनों ने धारदार हथियार से सोते हुए रामकिशोर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। रामकिशोर को संभलने तक का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
सबूत मिटाने के लिए लिपाई, दीवान के नीचे छिपाया शव
कत्ल के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। घर के फर्श पर चारों तरफ बिखरे खून को झाड़ू और पानी से साफ किया गया और धब्बों को छिपाने के लिए फर्श की बाकायदा लिपाई की गई।
इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने की तैयारी हुई। सूफिया ने अपने 16 वर्षीय नाबालिग बेटे की मदद से रामकिशोर के शव को एक बड़े लकड़ी के बक्से में ठूंसकर बंद कर दिया। किसी को शक न हो, इसलिए उस बक्से को दीवान (बेड) के नीचे छिपा दिया गया। अगली रात का इंतजार किया गया और फिर एक ई-रिक्शा लोडर का इंतजाम कर उस बक्से को मोहनलालगंज के भावाखेड़ा नहर पुलिया के पास ले जाकर नीचे फेंक दिया गया।
पहली पत्नी की शिकायत और पुलिस का शिकंजा
जब रामकिशोर कई दिनों तक सामने नहीं आया, तो उसकी पहली पत्नी कविता देवी को अनहोनी की आशंका हुई। कविता ने 17 सितंबर को थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और गुमशुदगी की सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें तुरंत हरकत में आईं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया। फुटेज की बारीकी से जांच के दौरान एक संदिग्ध ई-रिक्शा लोडर नजर आया, जिसके जरिए पुलिस कत्ल की इस कड़ी को जोड़ने में कामयाब रही। ई-रिक्शा को ट्रेस करते ही पूरी खौफनाक कहानी बेनकाब हो गई।
बरामदगी और सख्त कानूनी शिकंजा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सूफिया बानो, उसके प्रेमी मुन्ना और सहयोगी मोहम्मद इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, शव को छिपाने में मां का साथ देने वाले 16 वर्षीय नाबालिग बेटे को पुलिस संरक्षण में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना धारदार हथियार, खून साफ करने वाली झाड़ू, मृतक के कपड़े और शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल हुआ ई-रिक्शा लोडर बरामद कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत फास्ट-ट्रैक मोड में ले जाकर अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाने की तैयारी कर रही है। रिश्तों के कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।
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