लखनऊ गोमती नगर में खूनी खेल: पति ने पत्नी और बहन को मारी गोली, फिर खुद को भी मारी गोली
लखनऊ के गोमती नगर में दिनदहाड़े हुए गोलीकांड से सनसनी फैल गई। ICICI बैंक के बाहर एक शख्स ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बहन को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का सबसे पॉश और व्यस्त इलाका माना जाने वाला गोमती नगर गुरुवार को अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक के ठीक बाहर दिन-दहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। एक शख्स ने बैंक के बाहर पहले अपनी पत्नी और बहन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड और आत्महत्या (ट्रिपल मर्डर-कम-सुसाइड) के मामले में मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है, जिसमें मशहूर पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या मिश्रा भी शामिल हैं।
बैंक के बाहर हुई थी तीखी बहस, फिर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां

घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी मानस वाजपेई एक टेम्पो में सवार होकर गोमती नगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के बाहर पहुंचा था। वहां उसकी पत्नी दिव्या मिश्रा पहले से मौजूद थीं। दोनों के बीच सड़क किनारे ही किसी बात को लेकर बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते बेहद तीखी नोकझोंक और बहस में तब्दील हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया कि मानस ने अचानक अपनी जेब से लोडेड पिस्टल निकाल ली। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या बीच-बचाव की कोशिश करता, मानस ने दिव्या मिश्रा पर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से दो गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पत्नी के बाद बहन को भी बनाया निशाना, फिर खुद को मारी गोली

वारदात यहीं नहीं थमी। पत्नी को लहूलुहान हालत में जमीन पर गिराने के बाद मानस ने पास ही मौजूद अपनी सगी बहन को भी अपनी गोली का निशाना बनाया। दोनों महिलाओं को गोली मारने के बाद आरोपी तुरंत टेम्पो में बैठकर मौके से भाग निकला। हालांकि, कुछ ही दूरी पर जाकर उसने उसी हथियार से खुद की कनपटी पर भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। दिन के उजाले में हुए इस खूनी ड्रामे ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे आला अधिकारी, मौके से खोखे बरामद

सड़क पर गोलियां चलने और तीन लोगों के लहूलुहान होने की सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर घेराबंदी की और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
फॉरेंसिक टीम ने बैंक के बाहर सड़क से गोलियों के खाली खोखे, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने दिव्या मिश्रा और अन्य शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, जांच के लिए गठित हुईं 5 टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। आईसीआईसीआई बैंक की शाखा और आसपास की दुकानों व प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है, ताकि पूरी घटना की टाइमलाइन और सटीक कड़ियों को जोड़ा जा सके।
पुलिस के उच्चाधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच करने के लिए पुलिस की 5 विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ पारिवारिक और निजी पृष्ठभूमि से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
विवाद की असली वजह अब भी अनसुलझी
इस खौफनाक वारदात के पीछे पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा कोई घरेलू विवाद था या फिर तात्कालिक गुस्सा, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि फिलहाल पुलिस की तरफ से नहीं की गई है। पारिवारिक सूत्रों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई थी कि मानस वाजपेई ने इतना आत्मघाती और भयानक कदम उठा लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल एविडेंस सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
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