इंटरनेट ब्राउजर नोटिफिकेशंस की वजह से भी हो सकते हो फ्रॉड के शिकार

Internet browser नोटिफिकेशंस की वजह से भी हो सकते हो फ्रॉड के शिकार

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ आसान, घर बैठे ऐसे करे अप्लाई..

पिछले कुछ वर्षो में कंज्यूमर टेक्नॉलजी तेजी से बदली है लेकिन ढेरों नए फीचर्स के साथ ही ठगी के मामलो में भी बढ़ोतरी हुई है। लोगो को ठगने वाले रोज नए – नए तरीको से लोगो को ठग रहे है और हमारी छोटी सी लापरवाही हमे किसी भी ठगी का शिकार बना सकती है। हाल ही में सामने आया है कि Internet browser से भी लोगों को स्कैम्स और फ्रॉड में फंसाया जा रहा है और इस तरह उनके पैसे और कई बार गोपनीय जानकारी स्कैमर्स तक पहुंच रही है।

सिक्यॉरिटी फर्म Kaspersky Labs की रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्राउजर नोटिफिकेशंस इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को फंसाने का नया जरिया बने हैं। दरअसल, ब्राउजर पुश नोटिफिकेशंस किसी वेबसाइट के नोटिफिकेशंस होते हैं, जिन्हें इंटरनेट ब्राउजर यूजर्स की स्क्रीन पर दिखाता है। ज्यादातर साइट्स पर जाने पर यूजर्स से पूछा जाता है कि क्या वह साइट से जुड़े नोटिफिकेशंस देखना चाहता है, इसे Allow करने पर उसे साइट के कंटेंट और सर्विसेज से जुड़े नोटिफिकेशंस मिलना शुरू हो जाते हैं।

दूध में घी डालकर पीने से आप कई बीमारियों से बच सकते हो, देखें..

Click Here For Free Test Series For SSC, Bank, Railway – Join Us Now

तेजी से बढ़ रहे स्कैम
वेबसाइट्स जिस तरह कंटेंट के लिए नोटिफिकेशंस भेजती हैं, स्कैमर्स फिशिंग अटैक के लिए उनकी मदद लेते हैं। ऐसे पुश नोटिफिकेशंस में यूजर्स को किसी फेक पेज का लिंक दिया जाता है, जहां उन्हें ऑफर्स का लालच देकर या कई तरीकों से भ्रमित करने पर्सनल और फाइनेंशल जानकारियाँ भरने को कहा जाता है। कई बार ऐसे पेज यूजर्स को कोई इनाम जीतने या लॉटरी लगने का दावा करके लुभाते हैं। Kaspersky Labs की मानें तो जनवरी, 2017 में ऐसे नोटिफिकेशंस से 17.2 लाख लोगों को टारगेट किया गया, वहीं सितंबर, 2019 में यह आंकड़ा तीन गुना बढ़कर 55.4 लाख हो गया है।

खुद को ऐसे रखें सेफ
ऐसे स्कैम्स से खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते वक्त सतर्क रहें। आपको केवल उन वेबसाइट्स के लिए नोटिफिकेशन Allow करना चाहिए, जो ट्रस्टेड हों। सिक्यॉरिटी फर्म के रिसर्चर आर्टेमी ओवचिनिकोव ने कहा कि पिछले कुछ वक्त में पुश नोटिफिकेशन से जुड़े फ्रॉड कई गुना बढ़े हैं। उन्होंने कहा, ‘इस फीचर की मदद से यूजर्स को आसानी से मैलिशस लिंक भेजा जा सकता है और ढेरों यूजर्स स्कैम का निशाना बने हैं।’ ऐसे में किसी साइट के नोटिफिकेशन तभी Allow करें, जब वे वाकई आपके लिए जरूरी हों।

उत्तर प्रदेश में स्थित है यह अद्भुत रहस्य वाला किला, पूरी बारात हो गई थी अचानक गायब..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *